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जख्मी दिल शायरी स्टेटस jakhmi dil shayari download

तू चाँद और मैं सितारा होता,

आसमान में एक आशियाना हमारा होता,

लोग तुम्हे दूर से देखते,

नज़दीक़ से देखने का हक़ बस हमारा होता


जख्मी दिल शायरी स्टेटस   zakhmi dil ki shayari हिंदी

 

तेरी आवाज़ से प्यार है हमें,

इतना इज़हार हम कर नहीं सकते,

हमारे लिए तू उस खुदा की तरह है,

जिसका दीदार हम कर नहीं सकते


हमें आदत नहीं हर एक पे मर मिटने की,

तुझे में बात ही कुछ ऐसी थी दिल ने सोचने की मोहलत ना दी


कुछ ऐसा अंदाज था उनकी हर अदा में,

के तस्वीर भी देखूँ उनकी तो खुशी तैर जाती है चेहरे पे


सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह,

उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह


ए खुदा उन्हे हमेशा खुश रखना जिन्हे,

हम तुमसे भी पहले याद किया करते है.


लोग देखेंगे तो अफ़साना बना डालेंगे,

यूँ मेरे दिल में चले आओ की आहट भी न हो


जिंदगी आ बैठ, ज़रा बात तो सुन,

मुहब्बत कर बैठा हूँ, कोई मशवरा तो दे


एक बार उसने कहा था,

मेरे सिवा किसी से प्यार ना करना,

बस फिर क्या था,

तबसे मोहब्बत की नजर से हमने खुद को भी नहीं देखा.


हमारे आंसूं पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं,

उनकी इस अदा से वो दिल को चुराते हैं,

हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को,

इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं


वो न आए उनकी याद वफ़ा कर गई,

उनसे मिलने की चाह सुकून तबाह कर गई,

आहट दरवाज़े की हुई तो उठकर देखा,

मज़ाक हमसे हवा कर गई


हम तो आँखों में संवरते हैं, वही संवरेंगे,

हम नहीं जानते आईने कहाँ रखें हैं


यूँ तो बहुत से हैं रास्तें, मुझ तक पहुंचने के,

राह-ऐ-मोहब्बत से आना, फासला कम पड़ेगा


तेरे चेहरे पर अश्कों की लकीर बन गयी,

जो न सोचा था तू वो तक़दीर बन गयी


हमने तो फिराई थी रेतो पर उंगलिया,

मुड़ कर देखा तो तुम्हारी "तस्वीर" बन गयी


खुदा का शुक्र है कि उसने ख्वाब बना दिये वर्ना,

तुझसे मिलने कि तमन्ना कभी पूरी नहीं होती


जमाने के लिए आज होली है,

मुझे तो तेरी यादे रोज रंग देती है


तनहाई ले जाती है जहाँ तक याद तुम्हारी,

वही से शुरू होती है जिंदगी हमारी,

नहीं सोचा था हम चाहेंगे तुम्हें इस कदर,

पर अब तो बन गए हो तुम किसमत हमारी


न जाने क्या कशिश है,

उनकी मदहोश आँखों में,

नज़र अंदाज़ जितना करो,

नज़र उन्हीं पे ही पड़ती है


zakhmi dil ki shayari हिंदी 


वो कहने लगी,

नकाब में भी पहचान लेते हो हजारों के बीच,

में ने मुस्करा के कहा,

तेरी आँखों से ही शुरू हुआ था "इश्क", हज़ारों के बीच..


वो जो हमारे लिए ख़ास होते हैं,

जिनके लिए दिल में एहसास होते हैं,

चाहे वक़्त कितना भी दूर कर दे उन्हें,

पर दूर रहकर भी वो दिल के पास होते हैं.



तलब ये कि तुम मिल जाओ,

हसरत ये कि उम्र भर के लिये


हर सागर के दो किनारे होते है,

कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है,

ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो,

क्योंकी जिंदगी में यादों के भी सहारे होते है.


तुम दिल से हमें यों पुकारा ना करो,

यु तुम हमें इशारा ना करो,

दूर हैं तुमसे ये मजबूरी है हमारी,

तुम तन्हाइयों में यूं तड़पाया ना करो


आपके आने से ज़िंदगी कितनी खूबसूरत है,

दिल मे बसी है जो वो आपकी ही सूरत है,

दूर जाना नही हमसे कभी भूलकर भी,

हमे हर कदम पर आपकी ज़रूरत है


तमन्ना हो अगर मिलने की,

तो हाथ रखो दिल पर,

हम धड़कनों में मिल जायेंगे.


जख्मी दिल शायरी स्टेटस 


हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं,

मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो


तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना,

हम 'जान' तो दे देते हैं, मगर 'जाने' नहीं देते


हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए,

जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए


चलो सिक्का उछाल के कर लेते हैं फैसला आज,

चित आये तो तुम मेरे और पट आये तो हम तेरे


एक शर्त पर खेलूँगा ये प्यार की बाज़ी,

मैं जीतू तो तुझे पाऊँ, और हारूँ तो तेरा हो जाऊ


छुपा लूंगा तुझे इस तरह से मेरी बाहों में,

हवा भी गुज़रने के लिए इज़ाज़त मांगे,

हो जाऊं तेरे इश्क़ में मदहोश इस तरह,

कि होश भी वापस आने के इज़ाज़त मांगे.


खुद को खुद की खबर न लगे,

कोई अच्छा भी इस कदर न लगे,

आपको देखा है उस नजर से,

जिस नजर से आपको नजर न लगे


तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,

दिल मेरा था और धडक रहा था वो,

प्यार का ताल्लुक अजीब होता है,

प्यास मेरी थी और सिसक रहा था वो


मेरा बस चले तो तेरी अदाँए खरीद लुँ,

अपने जीने के वास्ते, तेरी वफाँए खरीद लुँ,

कर सके जो हर वक्त दीदार तेरा,

सब कुछ लुटा के वो निगाँहें खरीद लुँ


नदी को सागर से मिलने से ना रोको,

बारिस की बूंदों को धरती से मिलने से ना रोको,

जिन्दा रहने के लिए तुमको देखना जरुरी है,

मुझे तुम्हारा दीदार करने से ना रोको


zakhmi dil ki shayari download


ग़ज़ल लिखी हमने उनके होंठों को चूम कर,

वो ज़िद्द कर के बोले… 'फिर से सुनाओ'


आँखों में ना हमको ढूंढो सनम,

दिल में हम बस जाएंगे,

तमन्ना है अगर मिलने की तो,

बंद आँखों में भी हम नज़र आएंगे


दिल में है जो बात किसी भी तरह कह डालिए,

ज़िन्दगी ही ना बीत जाए कहीं बताने मे


वो बार बार पूछती है कि क्या है मौहब्बत,

अब क्या बताऊं उसे,

कि उसका पूछना और मेरा न बता पाना ही मौहब्बत है


आये हो जो आँखों में कुछ देर ठहर जाओ,

एक उम्र गुजरती है एक ख्वाब सजाने में.


ख़याल आया तो आपका आया,

आँखे बंद की तो ख्वाब आपका आया,

सोचा कि याद क रलूँ खुदा को पल दो पल,

पर होंठ खुले तो नाम आपका आया.


सब कुछ मिला सुकून की दौलत ना मिली,

एक तुझको भूल जाने की मोहलत ना मिली,

करने को बहुत काम थे अपने लिए,

मगर हमको तेरे ख्याल से फुर्सत ना मिली.


गुलाब की खुशबू भी फीकी लगती है,

कौन सी खूशबू मुझमें बसा गई हो तुम,

जिंदगी है क्या तेरी चाहत के सिवा,

ये कैसा ख्वाब आंखों में दिखा गई हो तुम


लोग पूछते हैं की तुम क्यूँ अपनी मोहब्बत का इज़हार नहीं करते,

हमने कहा जो लब्जों में बयां हो जाये,

सिर्फ उतना हम किसी से प्यार नहीं करते


गम ना कर ज़िंदगी बहुत बड़ी है,

चाहत की महफ़िल तेरे लिए सजी है,

बस एक बार मुस्कुरा कर तो देख,

तक़दीर खुद तुझसे मिलने बाहर खड़ी है


zakhmi dil ki shayari dard bhari


यूँ नज़रें वो नीचे किए चले जा रहें हैं,

पास आशिक़ खड़े यूँ परेशाँ हुए जा रहें हैं,

कोई कहता है ज़ालिम अपनी नज़र तो उठा,

हम तेरे रूख का दीदार करने को मरे जा रहें हैं


खुदा से भी पहले तेरा नाम लिया है मैंने,

क्या पता तुझे कितना याद किया है मैंने,

काश सुन सके तू धड़कन मेरी,

हर सांस को तेरे नाम से जिया है मैंने



उसे बोल दो कि मेरे ख्वाबों में ना आया करे,

रोज आँख खुलती है और दिल टुट जाता है.


सजा तो मुझे मिलना ही थी मोहब्बत में,

मैंने भी तो कई दिल तोड़े थे तुझे पाने के लिए


पलकों की हद को तोड़ कर दामन पे आ गिरा,

एक अश्क़ मेरे सब्र की तौहीन कर गया


मैं तेरे नसीब कि बारिश नहीं जो तुजपे बरस जाऊं,

तुजे तक़दीर बदलनी होगी मुझे पाने के लिए


जो न मानो तो फिर तोल लेना तराजू के पलड़ों पर,

तुम्हारे हुस्न से कई ज्यादा मेरा इश्क भारी है.


zakhmi dil ki shayari hindi mein


तूम्हारे बाद मेरा कोन बनेगा हमदर्द,

मैंने अपने भी खो दीए.. तूम्हे पाने कि जीद मे


मोहब्बत भीख है शायद,

बड़ी मुश्किल से मिलती है


गुनाह है गर इश्क तो,

कबूल है मुझे हर सज़ा इश्क की


चले जाएंगे तुझे तेरे हाल पर छोड़कर,

कदर क्या होती है ये तुझे वक्त सिखा देगा


काश !!किस्मत भी नींद की तरह होती,

हर सुबह खुल जाती


क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज,

हाल हमारा पूँछ कर,

हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा हैं


कल एक फ़कीर ने मेरी आँखों में झांक के बोला,

ऐ बन्दे तू तो बहुत खुशमिजाज़ था… इश्क़ होने से पहले


एक तरफ एक क़ातिल है,

एक तरफ एक हसीना,

मै क़ातिल की तरफ गया,

सोचकर की वो एक ही बार मौत देगा


ऐ जिंदगी तू सच में बहुत ख़ूबसूरत है,

फिर भी तू उसके बिना अच्छी नहीँ लगती


वो तो कह कर चली गयी की मुझे कल से भूल जाना,

सदियों से में "आज" को रोक कर बैठा हूँ


hindi shayari zakhmi dil ki


शायरी मेरा शौक नहीं,

ये तो मोहोब्बत की कुछ सज़ाएं हैं


परेशान न हो मै गम मै नहीं हुं,

सिर्फ मुस्कराने की आदत चली गई हैं


छोटे थे तो सब नाम से बुलाते थे,

बड़े हुए तो बस काम से बुलाते है.


समंदर के बीच पहुँच कर फ़रेब किया तुमने,

तुम कहते तो सही.... किनारे पर ही डूब जाते हम


न करवटे थी न बेचैनियाँ थी,

क्या गजब की नींद थी मोहब्बत से पहले


सुलग रही हैं अगरबितयाँ सी मुझ में,

तेरी याद ने महका भी दिया और जला भी दिया


साला दिल तो सिने मैं होता है,पर जब टूटता है,

तो दर्द पुरे जिस्म मैं होता है


तू रूठी रूठी सी रहती है ऐ जिंदगी,

कोई तरकीब बता तुझे मनाने की,

मैं साँसें गिरवी रख दूंगा अपनी,

बस तू कीमत बता मुस्कुराने की


उसने यह सोचकर अलविदा कह दिया,

गरीब लोग हैं.... मुहब्बत के सिवा क्या देँगे


ऐ खुदा काश !!

तेरा भी एक खुदा होता तो तुझे भी ये अहसास होता कि,

दुआ कुबुल ना होने पे कितनी तकलीफ होती है


क्या बात करे यार इस दुनीया की,

जो सामने है ऊसे बुरा कहते है,

और जीसे कभी देखा नही ऊसे "खुदा" कहते है


ख्वाहिशों को जेब में रखकर निकला कीजिये जनाब,

खर्चा बहुत होता है, मंजिलों को पाने में


दिल टूटने वाली शायरी हिंदी में


कोशिश बहुत की, राज़-ए-मुहब्बत बयाँ न हो,

मुमकिन कहाँ था, आग लगे और धुआँ न हो


मुझे दुआएं दिल से मिली हैं,

कभी खरीदने को जेब में हाथ नहीं डाला


आराम से कट रही थी तो अच्छी थी,

जिंदगी तू कहाँ इन आँखों की, बातों में आ गयी


जिंदगी आ बैठ, ज़रा बात तो सुन,

मुहब्बत कर बैठा हूँ, कोई मशवरा तो दे


तेरे ही अक्स को तेरा दुश्मन बना दिया

आईने ने मज़ाक़ में सौतन बना दिया


मुझे नींद की इजाज़त भी उसकी यादों से लेनी पड़ती है,

जो खुद तो सो जाता है, मुझे करवटों में छोड़ कर


मुस्कराते रहो तो दुनिया आप के कदमों मे होगी,

वरना आसुओ को तो आखे भी जगह नही देती


हमें तो प्यार के दो लफ्ज ही नसीब नहीं,

और बदनाम ऐसे जैसे इश्क के बादशाह थे हम


टुकड़े पड़े थे राह में किसी हसीना की तस्वीर के,

लगता है कोई दीवाना आज समझदार हो गया है


आपकी यादें भी हैं, मेरे बचपन के खिलौनो जैसी,

तन्हा होते हैं तो इन्हें ले कर बैठ जाते हैं


चिराग कोई जलाओ की हो वजूद का एहसास,

इन अँधेरों में मेरा साया भी छोड़ गया मुझको


नींद को आज भी शिकवा है मेरी आँखों से,

मैंने आने न दिया उसको तेरी याद से पहले


कितने मसरूफ़ हैं हम जिंदगी की कशमकश में,

इबादत भी जल्दी में करते हैं फिर से गुनाह करने के लिए


थक सा गया हूँ, खुद को सही साबित करते करते,

खुदा गलत हो सकता है, मगर मेरी मुहब्बत नहीं


मै झुकता हूँ हमेशा आँसमा बन के,

जानता हूँ कि ज़मीन को उठने की आदत नही


तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था

खबर तो रहती….सफर तय कितना करना है......!!!


प्यार में दिल टूटने वाली शायरी


जिस्म का दिल से अगर वास्ता नहीं होता,

क़सम खुदा की कोई हादसा नहीं होता


तु हजार बार भी रूठे तो मना लुगाँ तुझे,

मगर देख, मुहब्बत में शामिल कोई दुसरा न हो.


घर से तो निकले थे हम ख़ुशी की ही तलाश में,

किस्मत ने ताउम्र का हमैं मुसाफिर बना दिया


अगर है दम तो चल डुबा दे मुजको,

समंदर नाकाम रहा, अब तेरी आँखो की बारी


तूने हसीन से हसीन चेहरो को उदास किया है,

ए इश्क,

तू अगर इन्सान होता तो तेरा पहला कातिल मै होता


तुम्हारे ख्वाबों को गिरवी रखके,

तकिये से रोज़ रात थोड़ी नींद उधार लेता हु


पलकें खुली सुबह तो ये जाना हमने,

मौत ने आज फिर हमें ज़िन्दगी के हवाले कर दिया.


ज़माना जब भी मुझे मुश्किल मे डाल देता है,

मेरा ख़ुदा हज़ार रास्ते निकाल देता है


गुलाम हु मै अपने घर के संस्कारो का,

वरना मै भी लोगो को उनकी औकात दीखाने का हुनर रखता हुं


मोहब्बत में दिल टूटने वाली शायरी


तुम सामने आये तो, अजब तमाशा हुआ,

हर शिकायत ने जैसे, खुदकुशी कर ली


एक ही बात इन लकीरों में अच्छी हैं,

धोखा देती हैं, मगर रहती हाथ में ही हैं


हँस कर दर्द छुपाने की कारीगरी मशहूर है मेरी,

पर कोई हुनर काम नहीं आता, जब तेरा नाम आता हैं


तुझे हकीक़त में अक्सर लोग मुझसे छीन लेते हैं,

तुम मिलने मुझसे आया करो अब सिर्फ ख़्वाबों में


उसे हम याद आते है मगर फुर्सत के लम्हों में,

यह बात और है की उसे फुर्सत ही नहीं मिलती


आओ कुछ देर ज़िक्र करे उन दिनों का,

जब तुम हमारे और हम तुम्हारे थे


वो मेरी होंगी तो लोट आएँगी एक दिन मेरे पास,

हम जिसे प्यार करते है उसे कैद नहीं करते


ये इश्क भी क्या चीज़ है ग़ालिब,

एक वो है जो धोखा दिए जाते हैं,

और एक हम है, जो मौका दिए जाते हैं


जख्मी दिल शायरी


दर्द तो अकेले ही सहते हैं सभी,

भीड़ तो बस फ़र्ज़ अदा करती है


मेरी फितरत ही कुछ ऐसी है कि,

दर्द सहने का लुत्फ़ उठाता हु मैं


मैंने पूछा लोग कब चाहेंगे मुझे मेरी तरह,

बस मुस्कुरा के कह दिया सवाल अच्छा है


लफ़्ज़ों से काश बयाँ कर पातें,

ख़ामोशियाँ क्या असर करती हैं


उनकी चाल ही काफी थी इस दिल के होश उड़ाने के लिए,

अब तो हद हो गई जब से वो पाँव में पायल पहनने लगे.......!!!


मोहब्बत में dil टूटने वाली शायरी


तू तो ख्वाब थी, हकीकत कभी हुईं तो नहीं,

मैंने बस ख्वाब हारा है, तुझे पाने का हौसला तो नहीं


तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं,

किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं


मत कर यूं बेपनाह इश्क, ऐ नादां दिल उनसे,

बहुत जख़्म लगते हैं, जब उँचाई से गिरते हैं.


बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना,

मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती


दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे,

जब बरसी ख़ुशियाँ, न जाने भीड़ कहा से आई


उम्र भर चलते रहे, मगर कंधो पे आये कब्र तक,

बस कुछ कदम के वास्ते गैरों का अहसान हो गया


हो सके तो अब कोई सौदा ना करना,

मैं पिछली महोब्बत में जिन्दगी हार आया हूँ


तुम्हारा ख्याल भी तुम्हारी तरह मेरी नही सुनता,

जब आता है तो बस आता ही चला जाता है….....!!!


जख्मी दिल शायरी  डाउनलोड


इंसान बिकता है,

कितना महँगा या सस्ता,

ये उसकी मजबूरी तय करती है


आज फिर जख्मों पर नमक डाला गया है,

फिर मुद्दा तेरा-मेरा आज उछाला गया है


तुम शिकायतें बहुत करती हो बिछड़ने की,

पहले भी यही करती थी पर मिलने की.


दिल ने आज फिर तेरे दीदार की ख्वाहिश रखी है,

अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ जाना


तुम आओ और कभी दस्तक तो दो इस दिल पर,

प्यार उम्मीद से कम हो तो सज़ा-ऐ-मौत दे देना


तुम याद भी आते हो तो चुप रहते हैं,

के आँखो को खबर हुई तो बरस जाएंगी


काश ये मोहब्बत ख्वाब सी होती,

बस आँखे खुलती और किस्सा खत्म


हमे भी आते हैं अंदाज़ दिल तोड़ने के,

हर दिल में खुदा बसता है यही सोचकर चुप हू मै


हम तो उम्र भर के मुसाफ़िर हैं,

मत पूछ तेरी तलाश में कितने सफ़र किए हैं हमने.


मोहब्बत में सर झुका देना कुछ मुश्किल नहीं,

रौशन सूरज भी चाँद कि ख़ातिर डूब जाता है


वो अल्फाज़ ही क्या जो समझाने पड़े,

मैनें मोहब्बत की थी वकालत नहीं


hindi shayari zakhmi dil tute ki shayari 


ये ना समझना कि खुशियो के ही तलबगार है हम,

तुम अगर अश्क भी बेचो तो उसके भी खरीदार है हम


वक़्त भी लेता है करवटें कैसी कैसी,

इतनी तो उम्र भी ना थी जितने सबक सीख लिए हमने


गर मुहब्बत खेल है, हमने खुद को दांव पे लगा दिया है,

अब दुआ करते हैं रब से, तुम ज़रूर जीतो


इश्क़ महसूस करना भी इबादत से कम नहीं,

ज़रा बताइये, छू कर खुदा को किसी ने देखा हैं


पहले तो यूँ ही गुजर जाती थी,

तुमसे मोहब्बत हुई तो रातों का एहसास हुआ


मेरे दुश्मन भी, मेरे मुरीद हैं शायद,

वक़्त बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं,

मेरी गली से गुज़रते हैं छुपा के खंजर,

रु-ब-रु होने पर सलाम किया करते हैं.


ना तेरे आने कि खुशी ना तेरे जाने का गम,

गुजर गया वो जमाना जब तेरे दीवाने थे हम


वो मोबाइल के एक फोल्डर में तेरी तस्वीरें इकठ्ठा की है मैंने,

बस इसके सिवा और ख़ास कुछ जायदाद नहीं है मेरी


दुआ करते हैं हम सर झुका के,

आप अपनी मंज़िल को पाए,

अगर आपकी राहों मे कभी अंधेरा आए,

तो रोशनी के लिए खुदा हमको जलाए.


आसमाँ इतनी बुलंदी पे जो इतराता है,

भूल जाता है ज़मीं से ही नज़र आता है.


मेरे दिल में ज्यादा देर तक रुकता नहीं कोई,

लोग कहते हैं मेरे दिल में साया है तेरा


गुजर जायेगा ये दौर भी, जरा सा इत्मिनान तो रख,

जब खुशिया ही नहीं ठहरी, तो गम की क्या बिसात.


dard bhari zakhmi dil ki shayari 


पगली तेरी मोहब्बत ने मेरा ये हाल कर दिया है,

मैं नहीं रोता, लोग मुझे देख कर रोते हैं


करती है बार बार फोन, वो ये कहने के लिए,

कि जाओ, मुझे तुमसे बात नही करनी


दिए हैं ज़ख़्म तो मरहम का तकल्लुफ न करो,

कुछ तो रहने दो, मुझ पे एहसान अपना


कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना,

क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में जबरदस्ती नहीं होती


सजा मेरे हिस्से की उनको बस इतनी ही देना मेरे मौला,

तारे मै गिनता रहु और वो रात-भर करवटे बदलती रहे


ना करूं तुझको याद तो खुदकी साँसों में उलझ जाता हूँ मैं,

समझ नहीं आता की ज़िन्दगी साँसों से हे या तेरी यादों से


जिनके आँगन में अमीरी का पेड लगता है,

उनका हर ऐब ज़माने को हुनर लगता है


न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता,

जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता.


खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो,

दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो,

देर हो गयी याद करने में जरूर,

लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल मिटा दो.


दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,

रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,

हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,

हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया


तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,

तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी,

क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर,

जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी


हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें,

कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए,

हो सकता है तरस आ भी जाये आपको,

पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये


देखा है आज मुझे भी गुस्से की नज़र से,

मालूम नहीं आज वो किस-किस से लड़े है.


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से,

हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से,

तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले,

कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से..


सच्चा प्यार वही होता है जो अपनी गलती ना होने पर भी,

अपना रिश्ता बचाने के लिए sorry बोल देते है


zakhmi dil ki shayari download


जब भरोषा टूट जाता है तब sorry,

का कोई मतलब नहीं होता


जब मेरी वजह से कोई हर्ट होता है ना,

तो कुछ देर बाद उनसे ज्यादा बुरा मुझे लगता है


मेरी आँखें देख कर लोग कहते है,

लगता है तेरा चाहने वाला तुझे आजमाता बोहुत है


मैं लोगों से मुलाकातों के लम्हें याद रखता हूँ,

बातें भूल भी जाऊं पर लहजे याद रखता हूँ.


छोड़ दी है अब हमने वो फनकारी वरना,

तुझ जैसे हसीन तो हम कलम से बना देते थे.


समंदर बहा देने का जिगर तो रखते हैं लेकिन​,

​हमें आशिकी की नुमाइश की आदत नहीं है दोस्त​.


मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदल के देख​,

​मुझसे भी बुरे हैं लोग तू घर से निकल के देख​


हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर,

बैठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए


रहते हैं आस-पास ही लेकिन पास नहीं होते,

कुछ लोग मुझसे जलते हैं बस ख़ाक नहीं होते.


दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी,

मैं हाथ नहीं उठाता बस नज़रों से गिरा देता हूँ


न मैं गिरा और न मेरी उम्मीदों के मीनार गिरे,

पर कुछ लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे.


उसने पुछा, कहाँ रहते हो,

मैने कहा, अपनी औकात मे रहता हुं.


ख़त्म हो भी तो कैसे, ये मंजिलो की आरजू,

ये रास्ते है के रुकते नहीं, और इक हम के झुकते नही.


हथियार तो सिर्फ शौक के लिए रखा करते है,

वरना किसी के मन में खौंफ पैदा करने के लिए तो बस नाम ही काफी है.


ऐसा नही है कि मुझमे कोई 'ऐब' नही है,

पर सच कहता हूँ मुझमें कोई 'फरेब' नहीं है.


नमक स्वाद अनुसार,

अकड औकात अनुसार.


शब्द पहचान बनें मेरी तो बेहतर है,

चेहरे का क्या है,

वो मेरे साथ ही चला जाएगा एक दिन


अंदाज़ कुछ अलग ही मेरे सोचने का है,

सब को मंज़िल का है शौख मुझे रास्ते का है


दादागिरी तो हम मरने के बाद भी करेंगे,

लोग पैदल चलेंगे और हम कंधो पर

और नया पुराने