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dare shayari in hindi

उसे गुमां है कि मेरी उड़ान कुछ कम है
मुझे यक़ीं है कि ये आसमान कुछ कम है
-नफ़स अम्बालवी

वाक़िफ़ कहां ज़माना हमारी उड़ान से
वो और थे जो हार गए आसमान से,,
-फ़हीम जोगापुरी

गुजरती है जो दिल पर, लब पर वो ला ही के क्या होगा,
समझकर जो न समझे, उसको समझा ही के क्या होगा !
-नूर इन्दौरी

मेरे  हौसले के पर निकलते देख कर
उस ने दीवारों को अपनी और ऊँचा कर दिया
-अमीर क़ज़लबाश


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